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Tuesday, 15 August 2017

इस एक आदत से ज़िन्दगी भर नहीं होगा हार्ट अटैक

August 15, 2017 0

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि हमारे आयुर्वेद में कुछ ऐसे तरीके हैं जिनकी मदद से आप अपने हार्ट अटैक जैसी गंभीर बिमारी से भी हमेशा हमेशा के लिए दूर रह सकते हैं. इस पोस्ट में हम आपको उसी विषय में बताने जा रहे हैं. दोस्तों अगर आपको अपने दिल को स्वस्थ्य रखना है तो आपको विटामिन C की मात्र का सेवन करना होगा. यहाँ हम आपको उन चीजों के नाम बताने जा रहे हैं जिनमे सबसे ज्यादा विटामिन C होता है:-

  • आंवला
  • संतरा
  • मौसमी
  • नारंगी
  • निम्बू (छिलके सहित)
  • चौलाई
  • पपीता
  • लौकी
  • मूली के पत्ते
  • पत्तेदार सब्जियां
  • आडू
  • शिमला मिर्च.
अगर यह सब चीज़ें आप नहीं खाना चाहते या किसी और वजह से नहीं खा पाते तो मेडिकल स्टोर में Vitamin C की टेबलेट भी आती है 500 mg की, उसको दिन में 3 से 4 बार खाएं. और कोशिश करिए कि आमला ज़रूर खाएं. 

Note :- और जब आप आमला को खा रहे हो तो तब इस प्रयोग के साथ में एक चीज आपको एक चीज जो आपको करनी है वो ये के आपको चाय को बिलकुल बंद करना होगा, इसकी जगह आप अपने बच्चो को सुबह उठ कर निम्बू पानी पिलायें इसमें 2 चुटकी मीठा सोडा मिला कर. आप देखेंगे के आपकी ऐसी समस्याएँ जो लाख दवा लेकर भी नहीं जा रही थी, वो अपने आप सही हो गयी. क्यूंकि इस से आपका पूरा शरीर एल्कलाइन हो जायेगा आपका PH बिलकुल सही हो जायेगा.
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Monday, 14 August 2017

इन तरीको को अपनाकर आप रहेंगे हमेशा जवान

August 14, 2017 0

हर एक इंसान यह चाहता है की वो जवान दिखे और इसके लिए वो हर संभव प्रयास भी करता हैकोई जवान  रहने के लिए मंहगे प्रसाधनों पर पैसा खर्च करता है तो कोई दवाओं पर। लेकिन इन सबसे दूर सही खानपान और सेहत की तरफ थोड़ा ध्‍यान देकर बढ़ती उम्र को कम किया जा सकता है। इस पोस्ट में हम आपको उसी बारे बताने जा रहे हैं

आमला 

आप सदा जवां दिखना चाहते हैं तो अपने आहार में आमला को शामिल करें। आमले में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो चेहरे पर पड़ने वाली बारीक लकीरें, झुर्रियां और बुढ़ापे के असर कम करने में सहायक होता है। आंवले का रस नियमित रूप से पीने से चेहरा चमकदार और दागधब्‍बे रहित रहता है साथ ही यह एक्ने और मुंहासों से भी निजात दिलाता है।

योग 

त्‍वचा को जवां और एंजिग की समस्‍याओं को दूर करने का सबसे कारगर प्राकृतिक नुस्‍खा है योग। योग से उम्र का असर धीमा हो जाता है। इससे सिरदर्द और तनाव दूर होता है और एकाग्रता बढ़ती है।

लहसुन 

औषधिय गुण से भरपूर लहसुन न केवल आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बल्कि सुंदरता को बनाए रखने में भी मददगार होता है। अगर आप जवां बनने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। तो इन सब को छोडि़ये और लहसुन का इस्‍तेमाल करके देखिये। इसके नियमित रूप से सेवन से आप जवां बने रह सकते हैं।

अलसी 

अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर बहुत अधिक मात्रा में होता है। इसके अलावा अलसी मे पाया जाने वाला तेल त्वचा को स्वस्थ रखता है एवं सूखापन दूर कर एग्जिमा आदि से बचाता है। अलसी का सेवन त्वचा पर बढ़ती उम्र के असर को कम करता है।

चुकंदर 

चुकंदर का जूस सेहत के लिए फायदेमंद होता है। साथ ही चुकंदर के सेवन से त्वचा में निखार आता है। शरीर में हीमोग्‍लोबिन का निर्माण होता है और रक्त साफ होता है।

व्यायाम करें 

नियमित रूप से व्‍यायाम करके भी आप सदा जवां बने रह सकते हैं। व्‍यायाम से शरीर की सारी मांसपेशियां सक्रिय हो जाती है और अतिरिक्त चर्बी जलाने में मदद मिलती है।
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Sunday, 13 August 2017

प्रेगनेंसी के दौरान खजूर खाने से कम हो सकती है प्रसव पीड़ा

August 13, 2017 0

डिलीवरी तक महिलाओं के मन में कई तरह के डर बैठे रहते हैं। प्रसव के दौरान होने वाले दर्द और लंबे समय तक प्रसव के दर्द को लेकर महिलाएं अकसर चिंतित रहती हैं।
और साथ में कहा जाता है कि खजूर खाने से प्राकृतिक तरीके से ही प्रसव की पीड़ा में और उसक अवधि में कमी आती है। आइए जानते हैं कि इस बात में कितनी सच्‍चाई है।

प्रसव पर खजूर का प्रभाव 

जो महिलाएं गर्भावस्‍था के दौरान खजूर का सेवन करती हैं उनमें केवल 28 प्रतिशत महिलाओं को ही प्रसव के दौरान किसी भी तरह की दवा की जरूरत पड़ती है जबकि आपको जानकर हैरानी होगी कि खजूर ना खाने वाली महिलाओं की 47 प्रतिशत है। खजूर न खाने वाली महिलाओं को प्रसव के दौरान दवाओं का ज्‍यादा प्रयोग करना पड़ा। शोधकर्ताओं ने रिसर्च के दौरान एक तरफ कुछ गर्भवती महिलाओं को रोज़ 6 खजूर खाने को कहा और उन महिलाओं पर भी नज़र जिन्‍होंने खजूर का सेवन नहीं किया था। उन्होंने पाया कि खजूर का सेवन ना करने वाली महिलाओं की तुलना में खजूर खाने वाली महिलाओं में सर्वाइकल डाइलटेशन ज्‍यादा रहा। जिन महिलाओं ने गर्भावस्‍था के दौरान खजूर का सेवन किया उन्‍हें प्रसव के दौरान 510 मिनट के लिए पीड़ा हुई जबकि खजूर ना खाने वाली महिलाओं को इससे दोगुना यानि 906 मिनट तक प्रसव पीड़ा सहनी पड़ी।

खजूर से प्रसव पर क्‍यों पड़ता है असर

शोधकर्ता पूरी तरह से तो इस निष्‍कर्ष पर नहीं पहुंच पाए हैं कि प्रसव पीड़ा को कम करने में खूजर किस तरह से फायदेमंद है लेकिन उनका मानना है कि इसका असर ऑक्‍सीटोसिन पर जरूर पड़ता है।
गर्भावस्‍था के आखिरी हफ्तों में ऑक्‍सीटोसिन रिसेप्‍टर्स की मात्रा बहुत बढ़ जाती है जिससे जिससे गर्भाशय की संवेदनशीलता और उसका संकुचन खुल जाता है। इसके अलावा खजूर का प्रभव एस्‍ट्रोजन, प्रोजेस्‍ट्रॉन और प्रोस्‍टैग्‍लैंडिन के स्‍तर पर पड़ता है। ये सभी हार्मोंस प्रसव में अहम भूमिका निभाते हैं।
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Tuesday, 11 April 2017

मखाना खाने के यह फायदे नहीं जानते होंगे आप

April 11, 2017 0
व्रत के दिनों में ज्‍यादातर लोगों दृारा मखाने का सेवन किया जाता है। मखाना पोषक तत्वों से भरपूर एक जलीय उत्पाद है। मखाना स्‍वास्‍थ्‍य के लिये भी काफी फायदेमंद है। मखाने के बीज किडनी और हृदय के लिये लाभप्रद हैं। मखाने बहुत ही पौष्टिक होते हैं। व्रत-उपवास तथा खीर, सब्जी बनाने में इनका प्रयोग किया जाता है। देखने में यह सफ़ेद, गोल और मुलायम होते हैं। मखाने की मांग न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में है। इन्हें गोरगोन, फाक्सनट तथा प्रिकली लिली भी कहते हैं। इनकी खेती भारत, चीन, जापान, कोरिया आदि में हजारों साल से की जाती रही है। भारत में यह सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जिले में बहुतायत रूप से होते है।
मखाने में 9.7% आसानी से पचनेवाला प्रोटीन, 76% कार्बोहाईड्रेट, 12.8% नमी, 0.1% वसा, 0.5% खनिज लवण, 0.9% फॉस्फोरस एवं प्रति १०० ग्राम 1.4 मिलीग्राम लौह पदार्थ मौजूद होता है। इसमें औषधीय गुण भी होता है।
यह भी शीघ्रपतन से बचाता है, वीर्य की गुणवत्ता और मात्रा को बढ़ाने में मदद करता है जिससे कामेच्छा बढ़ जाती है। इसके अलावा यह महिलाओं में बांझपन को भी दूर करने में मदद करता है।
 मखाना खाने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ
 इसमें ढेर सारा एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जिससे झुर्रियों का असर कम हो जाता है।
मखाने को नियमित रूप से 10-30 ग्राम तक की मात्रा में खाया जा सकता है। आयुर्वेद में मखाने को शीतल प्रकृति वालों के लिए अहितकर माना गया है।
इससे ब्लड प्रेशर पर भी निंयत्रण पाया जा सकता है। यह शरीर के अंग सुन्‍न होने से बचाता है तथा घुटनों और कमर में दर्द पैदा होने से रोकता है।
प्रेगनेंट महिलाओं और प्रेगनेंसी के बाद कमजोरी महसूस करने वाली महिलाओं को मखाना खाना चाहिये।
प्रसव बाद इसके सेवन से शरीर के अन्दर की गर्मी, पित्त, कैल्शियम की कमी, आदि दूर होते हैं।
मखानों का सेवन करने से शरीर के किसी भी अंग में हो रही दर्द से राहत मिलती है। कमर दर्द और घुटने में हो रही दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है।
मखानों को देसी घी में भूनकर खाने से दस्त जैसे रोग से छुटकारा पाया जा सकता है।
मखानों का सेवन करने से शरीर में हो रही जलन से भी राहत मिलती है।
मखानों का नियमित सेवन करने से शरीर की कमजोरी दूर होती है और हमारा शरीर सेहतमंद रहता है।
मखानों को दूध में मिलाकर खाने से दाह (जलन) में आराम मिलता है । ६- मखानों के सेवन से दुर्बलता मिटती है तथा शरीर पुष्ट होता है।

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शतावरी के यह फायदे नहीं जानते होंगे आप

April 11, 2017 0
शतावरी एक औषधीय पौधा है जिसका उल्‍लेख आयुर्वेद में किया गया है। इसका वनस्पती नाम है ऍस्पारॅगस रेसमोसस। शतावरी में ऐसे अनेको गुण छुपे हुए हैं जो आपकी हर एक बीमारी को यूं गायब कर सकता है।
यह पौधा तमाम तरह के स्‍त्री रोगों जैसे बांझपन, गर्भपात या नई नवेली मां में दूध की कमी को पूरा करता है। यह पौधा तमाम तरह के स्‍त्री रोगों जैसे बांझपन, गर्भपात या नई नवेली मां में दूध की कमी को पूरा करता है। आयुर्वेद में शतावरी की पत्‍तियों और जड़ों को शुक्रजनन, मधुर, शीतल एवं दिव्य रसायन माना गया है।
परंपरागत रूप से शतावरी को महिलाओं की जड़ी बूटी माना गया है, हांलाकि यह पौधा पुरुषों के हार्मोन लेवल को बढ़ा कर उनकी कामुकता में भी इजाफा कर सकता है। आइये जानते हैं कि शतावरी हमें कौन - कौन से स्‍वास्‍थ्‍य लाभ पहुंचाता है।

क्या हैं शतावरी के सेवन के फायदे … जानिए 
अतिरिक्‍त वजन कम करे
महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान अतिरिक्त पानी की वजह से जो वजन बढ़ता है शतावरी उसे कम करती है।
ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढ़ाए
प्रसूता माता को यदि दूध नहीं आ रहा हो या कम आता हो तो शतावरी की जड़ों के चूर्ण का सेवन दिन में कम से कम चार बार अवश्य करना चाहिए।
बुखार और जलन दूर करे :- शतावरी की तासीर ठंडी होती है इसलिये यह बुखार, जलन और पेट के अल्‍सर की समस्या को दूर कर करने की क्षमता रखती है।
मधुमेह
कहा जाता है कि शतावरी की जड़ों के चूर्ण का सेवन बगैर शक्‍करयुक्‍त दूध के साथ नियमित लिया जाए तो यह काफी फायदेमंद होगा।
सुंदरता बनाये रखे :- शतावरी में विटामिन ए पाया जाता है जोकि त्‍वचा की सुंदरता को निखारने में एहम भूमिका निभाता है । यह चेहरे से झुर्रियों को मिटाने में भी मददगार होता है।
शक्‍तिवर्धक अगर इसमें पत्‍तो के रस 2 चम्‍मच दूध में मिला कर दिन में 2 बार लें, तो यह शक्‍ती प्रदान करता है।
माइग्रेन दूर करे :- शतावरी की ताजी जड़ को थोडा मोटा कूट कर इसका स्वरस निकालें और इसमें तिल का तेल बराबर मात्रा में मिलाकर पका लें। इस तेल को माइग्रेन जैसे सिरदर्द में लगाएं |
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Monday, 10 April 2017

सेब के छिलकों के यह अंजान फायदे नहीं जानते होंगे आप

April 10, 2017 0
हम सभी जानते हैं सेब‍ खाने से हमारे स्‍वास्‍थ्‍य को कई प्रकार के लाभ पहुंचते हैं।  पर ऐसे बहुत से लोग हैं जो सेब तो खाना पसंद करते हैं लेकिन उसके छिलके को फेंक देते हैं। आप ने ये कहावत भी सुनी होगी कि जो दिन में एक बार सेब खाता है उसे डॉक्‍टर के पास जाने की जरुरत नहीं पड़ती।
सेब के छिलकों में हैं लाभकारी गुण
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि सेब जितना लाभकारी होता है उसके छिल्‍के में भी उतने ही गुण होते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि सेब के छिलके में कितने गुण छुपे हुए हैं और यह आपके शरीर को कैसे स्‍वस्‍थ बना सकते हैं।
1. सेब खाने के बेहतरीन फायदे
तो अगली  बार सेब खाने से पहले छिलके को फेंके नहीं बल्‍कि उसे सेब के सहित खाएं। आइये जानते हैं सेब के छिलके में छुपे हुए इन गुणो के बारे में।
2. हृदय रोग से बचाए
सेब के छिलके में घुलनशील रेशे होते हैं जो शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम करते हें और हृदय रोग से बचाव करते हैं। इसके साथ ही यह हमें कब्‍ज से भी बचाते हैं।
3. हड्डियों के लिये लाभदायक
सेब के छिलके में कैल्‍शियम होता है जो कि हड्डियों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिये अच्‍छा होता है। हड्डियों की मजबूती के लिये कैल्‍शियम बहुत आवश्‍यक है। अगर इसकी कमी हो गई तो हड्डियां कमजोर बनेंगी और आपको ऑस्‍टीयोपुरोसिस हो जाएगा।
4. मधुमेह के लिये अच्‍छा
अगर आपको मधुमेह की समस्‍या है तो उसके लिये सेब का छिलका खाना लाभदायक होगा। यह बढ़े हुए ब्‍लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है।
5. वजन कम करे
सेब के छिलके में इंजाइम होता है जिसे हम उर्सोलिक एसिड कहते हैं। यह वेट को कम करने में मदद करता है। अगर आप मोटे हैं तो सेब को छिलके सहित खाना शुरु कर दें।
6.आंखों की समस्‍या
सेब का छिलका आंखों में होने वाली कैटरैक्‍ट की बीमारी से बचाता है। अगर आप नियमित सेब खाते हैं तो उसका छिलका खाना न भूलें।
7. दिमाग कमजोर होने से बचाए
सेब के छिलके में पाया जाने वाला तत्‍व ब्रेन सेल को डैमेज होने से बचाता है। इससे आप ठीक प्रकार से ध्‍यान लगा सकते हैं।
8. गॉलस्‍टोन की समस्‍या
सेब के छिलके में काफी सारा फाइबर पाया जाता है जिससे स्‍टोन पित्‍त की थैली में जम नहीं पाता। यह बहुत ज्‍यादा कोलेस्‍ट्रॉल की वजह से जम जाते हैं जिन्‍हें सेब का छिलका दूर करता है।
9. दांतों के लिये
यह दांतों को सड़ने से बचाता है और कैविटी नहीं होने देता।
10. एनीमिया से बचाए
सेब का छिलका प्रेगनेंसी में खून की कमी को दूर करने में सहायक होता है। इसमें बहुत सारा आयरन और फॉलिक एसिड होता है। साथ ही यह कैल्‍शियम, पोटैशियम, मैग्‍नीशियम और जिंक से भरा है।
11. बीमारियों से बचाए
सेब के छिलके में एंटीऑक्‍सीडेंट और फ्लेविनॉइड होता है जो कि एक अच्‍छी सेहत बरकरार रखने में मदद करते हैं। ये हमारे इम्‍मयून सिस्‍टम को मजबूत करते हैं और शरीर को रोगों से बचाते हैं।
12. अलग तरह के कैंसर से बचाए
सेब के छिलके में ट्रीटरपेनॉइड्स नामक तत्‍व होता है। इनमें कैंसर से लड़ने की छमता होती है। ये हमें लिवर, ब्रेस्‍ट और कोलोन कैंसर से बचाते हैं।

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गर्मियों में क्यों पीना चाहिए नारियल पानी

April 10, 2017 0
गर्मियों में नारियल पानी के सेवन से, आपको दिव्य आनंद प्राप्त होगा। यह केवल ताजगी ही नहीं, बल्कि कई सारे स्वास्थवर्धक गुणों से भी भरपूर है।

नारियल पानी में काफी सारा विटामिन और मिनरल पाया जाता है, जो गर्मियों में पैदा होने वाली बीमारियों को शरीर से दूर भगाता है। गर्मियों में पेशाब की जलन, डीहाइड्रेशन और अलग अलग तरह की बीमारियों से नारियल पानी हमें बचाता भी है।


देसी ठंडा जो भगाए गर्मी और बनाए स्‍वस्‍थ 
इसमें स्वास्थवर्धक गुण तो हैं ही, साथ ही इसका मीठा ताजा स्‍वाद भी पूरे विश्व में लोकप्रिय है। आइये जानते हैं कि इस कड़ी गर्मी में हमें नारियल पानी क्‍यूं पीना चाहिये?
1. पानी की कमी पूरी करे
जब आप कम पानी पीने लगते हैं तो शरीर के कुछ अंग ठीक से कार्य करना बंद कर देते हैं। इसके अलावा त्‍वचा भी रूखी दिखाई देने लगती है। नारियल पानी पीने से आपके शरीर में पानी की कमी पूरी होगी।
2. किडनी स्‍टोन से बचाए
नारियल पानी में मौजूद मिनरल, पोटेशियम और मैग्नीशियम गुर्दे में होने वाली पथरी के खतरे से बचाते हैं।
3. स्‍वास्‍थ्‍य वर्धक गुण
अगर आपको कालेस्‍ट्रॉल की समस्‍या है तो यह उसे नियंत्रित करता है। साथ ही यह आपके ब्‍लड प्रेशर को भी ठीक रखता है।
4. प्राकृतिक पेय
गर्मियों में बाजारू पेय पीने की बजाए यह प्राकृतिक पेय पीजिये। यह प्‍यास तो बुझाएगा ही साथ ही यह स्‍वास्‍थ्‍य भी बनाएगा।
5. संक्रमण से बचाए
गर्मियों में बहुत ज्‍यादा संक्रमण फैलता है। इसलिये नारियल पानी पीजिये और संक्रमण को अपने शरीर से बाहर निकालिये।
6. एसिडिटी कंट्रोल करे
इसे पीने से शरीर का पीएच लेवल बैलेंस हो जाता है, जिससे पेट में एसिडिटी नहीं बनती। इसके अलावा यह अपच और कब्‍ज से भी बचाता है।
7. विटामिन सी
ताजे नारियल पानी में कम मात्रा में विटामिन सी (ऐस्कोरबिक एसिड) होती है। इस में 4% या 2.5 मिलीग्राम आर डी ए होता है। विटामिन सी पानी में घुल जाने वाला एटीआॉक्सीडेंट है।
8. दस्‍त मिटाए
गर्मियों में काफी लोगों को पेट खराब होने की समस्‍या हो जाती है। लेकिन नारियल पानी पीने से दस्‍त मिट जाता है क्‍योंकि इसमें एमिनो एसिड, एंजाइमस्, डाइटेरी फाइबर, विटामिन सी और कई मिनरल जैसे पोटेशियम, मैग्नीशियम और मैंगनीज पाए जाते हैं, जो लाभ पहुंचाते हैं।
9. हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे 
हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए भी नारियल के पानी का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें मौजूद विटामिन सी, पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड-प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक होते हैं. साथ ही ये हाइपरटेंशन को भी नियंत्रित करने में सहायक होता है।
10. वजन घटाए 
अगर आप वजन घटाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं तो एकबार नारियल पानी का भी इस्तेमाल करके देखिए।
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Sunday, 9 April 2017

जौ के पानी के स्वास्थ्य लाभ

April 09, 2017 0

जौ का पानी एक ऐसा पेय है जो कि जौ को पानी में उबालकर तैयार किया जाता है। हर रोज जौ का पानी पीने से एक ओर जहां स्वास्थ्य से जुड़ी बहुत सी समस्याएं दूर हो जाती हैं वहीं कई बीमारियों के होने का खतरा भी बहुत कम हो जाता है यदि इसमें थोड़ी सी चीनी और नींबू भी मिला दिया जाये तो यह एक शानदार पेय पदार्थ बन सकता है। जौ के पानी में इतने स्वास्थ्य लाभ हैं कि आप सुनकर चौंक जाएँगे। हम आपको बताते हैं जौ का पानी कैसे बनाया जाये और यह किस प्रकार स्वास्थ्य लाभ हैं।
जौ का पानी कैसे बनाएँ
इसकी एक सर्विंग बनाने के लिए एक सौस पैन में 2 टेबल स्पून जौ में 1 कप पानी मिला लें। जब तक जौ नरम हों तब तक इसे उबालें। इस मिश्रण को एक जालीदार कपड़े से छान लें। आप छिलके वाले और बिना छिलके वाले दोनों में से किसी भी प्रकार के जौ ले सकते हैं। छिलके वाले में ज्यादा फाइबर होता है और पकाने में ज्यादा समय लगता है इसलिए बिना छिलके वाले पकाने में आसान हैं।
जौ के पानी के स्वास्थ्य लाभ
. इसमें मौजूद बीटा–ग्लूकेन शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर मल द्वारा बाहर निकालने में मदद करता है और बवासीर के खतरे को कम करता है। यह आपको कब्ज से राहत देता है, आंतों को साफ रखता है जिससे की पेट के कैंसर की संभावना कम हो जाती है।
. यह मूत्रवर्धक के रूप में काम करता है यह बेकार पानी और विषैले पदार्थों को मूत्र द्वारा शरीर से बाहर निकाल देता है।
अगर आपको यूरीन से जुड़ी कोई समस्या है तो जौ का पानी आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा. इसके अलावा किडनी से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं में जौ का पानी बहुत कारगर होता है.
. यह गर्मी को कम करता है इसलिए गर्मी में इसका सेवन फायदेमंद है। चूंकि यह ठंडक करता है इसलिए यदि तेज मसालेदार खाने से आपके पेट में जलन हो रही है तो यह आपको राहत दे सकता है।
. जौ एंटी-इंफ़्लामेंट्री है। गठिया और जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों को जौ के पानी से फायदा मिलता है।
जौ जलाकर तिल के तेल में बारीक पीसकर जले हुए पीड़ित अंग पर लगाना लाभकारी है।
. इसका बीटा –ग्लूकेन शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण को कम करता है जिससे ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखता है। इसका मतलब है कि कि यदि आपको शुगर है तो जौ का पानी पीने से आपका शुगर लेवल नियंत्रण में रह सकता है।
. इस पानी का एक गिलास रोजाना सेवन फाइबर की आवश्यकता को पूरी करता है।
. फाइबर की अधिकता के कारण यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। इससे आपका दिल स्वस्थ रहता है।
. किडनी की पथरी के लिए भी यह अचूक औषधि है। एक गिलास जौ के पानी का रोजाना सेवन करने से किडनी की पथरी शरीर से बाहर निकल जाती है और आपकी किडनी स्वस्थ रहती है।

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Friday, 7 April 2017

चेहरा निखारने के लिए ऐसे करें प्याज का प्रयोग

April 07, 2017 0

अब आपके चेहरे पर काले दाग दिखने लगें, तो उस समय आप क्या करेंगी। किसी के भी चेहरे पर झाइयां, दाग-धब्बे या किसी भी प्रकार के अनचाहे निशान अच्छे नहीं लगते। फिर चाहे वो स्त्री हो या पुरुष। ये दाग उन जैसे लोगों के लिए एक सजा बन जाते हैं, क्योंकि समाज के लोग भी उन लोगों को नही स्वीकारते। हमारा समाज हर समय, हर वक्त, हर जगह इस दाग के होने का एहसास कराता है। लेकिन अब आपको चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है. तेज़ी से बढ़ती तकनीक की वजह से आजकल ऐसे कई नुस्खे मौजूद हैं। आज इस लेख में हम आपको उन्ही में से कुछ नुस्खों के बारे में बता रहे हैं. 

दाग धब्बों को करे दूर
1. चेहरे पर पड़े काले धब्‍बों को दूर करने के लिए नींबू और प्‍याज को मिलाकर चेहरे पर लगायें। हालांकि इनकी प्रकृति एसिडिक होती है लेकिन जब इन दोनों को मिलाया जाता है तब यह सॉफ्ट हो जाते हैं। इसलिए इन दोनों का रस निकालकर चेहरे की रंजकता और काले धब्‍बों को दूर कीजिए। इसके अनुसार एक चौथाई चम्‍मच प्‍याज और उतना ही नींबू का रस मिलकार चेहरे पर लगायें और फिर 10-15 मिनट बाद चेहरे को धोने से धब्‍बे दूर हो जाते हैं। 

2. प्याज का रस  रामबाण की दवा के रुप में काम करता है। यह एक बेहतरीन औषधि है जो हार्टअटैक, कोलेस्ट्राल, ब्लडप्रेशर जैसी घातक बीमारियों से तो बचाता ही है साथ में हमारे चेहरे पर पड़ रही झाई कील-मुंहासे पर भी प्रभावी ढंग से काम करता है। यदि प्याज का रस शहद के साथ मिलाकर लगाया जाए तो सारे दाग धब्बों से निजात पाया जा सकता है। इसके लिए प्याज का रस काफी असरदार होता है।

अनचाहे बाल व मस्से हटाएं
ताजा तुलसी के पत्ते और प्याज की पारदर्शी झिल्ली का पेस्ट अतिरिक्त बाल के क्षेत्रों पर लगाने से एक महीने में असर होगा। लाल प्याज को बारीक काटें और नमक मिलाकर इसका पेस्ट तैयार करें। इसे मस्से वाली त्वचा पर लगाकर तीन घंटे के लिए छोड़ दें और फिर पानी से साफ करें।
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